AIMLTACON-2025 : दु दिन के राष्ट्रीय संगोष्ठी में देसभर से आइल 1700 मेडिकल लैब प्रोफेशनल्स कइल लोग मंथन

By Anurag Ranjan

Published on: Dec 22, 2025

गोरखपुर। अखिल भारतीय चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकीविद संघ (AIMLTA) आ महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित दु दिन के 44वां अखिल भारतीय सम्मेलन आ वैज्ञानिक संगोष्ठी (AIMLTACON-2025) के समापन

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AIMLTACON 2025 national medical laboratory conference at Gorakhpur auditorium

गोरखपुर। अखिल भारतीय चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकीविद संघ (AIMLTA) आ महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित दु दिन के 44वां अखिल भारतीय सम्मेलन आ वैज्ञानिक संगोष्ठी (AIMLTACON-2025) के समापन अतवार के हो गइल। ई सम्मेलन मेडिकल लैबोरेटरी साइंसेज के क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़ आ प्रतिष्ठित आयोजनन में से एगो बन गइल, जवना में देस-बिदेस से 1700 से जादे मेडिकल लैब प्रोफेशनल्स, वैज्ञानिक आ शोधकर्ता हिस्सा लिहल लाेग।

दु दिन के एह राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य मकसद चिकित्सा प्रयोगशाला विज्ञान में नवाचार, गुणवत्ता सुधार, शोध, मानकीकरण आ कौशल विकास के बढ़ावा दिहल रहे। एकरा संगे देस-बिदेस के विशेषज्ञन, शिक्षाविदन आ मेडिकल लैब प्रोफेशनल्स के एगो साझा मंच देके अनुभव आ ज्ञान के आदान-प्रदान करावल सम्मेलन के प्रमुख लक्ष्य रहल।

प्रतिष्ठित संस्थानन के रहल सहभागिता

सम्मेलन में एम्स, पीजीआई, जिपमर, बीएचयू, आईसीएमआर, सीएसआईआर, टाटा मेमोरियल जइसन देस के नामी चिकित्सा आ शोध संस्थानन के विशेषज्ञन के खास मवजूदगी रहल। संगही अलग-अलग राज्य आ बिदेस से आइल प्रतिनिधि एह सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय पहचान दिहल लोग।

आधुनिक तकनीक पs भइल गहन चरचा

सम्मेलन के दौरान उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सत्र, अतिथि व्याख्यान, शोध पत्र प्रस्तुति आ पोस्टर सेशन आयोजित भइल। दूसरका दिन सीआरआईएसपीआर-सीएएस तकनीक, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री में मास स्पेक्ट्रोमेट्री, डी-डाइमर के भूमिका, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, इम्प्रेशन साइटोलॉजी जइसन समसामयिक विषयन पs विशेषज्ञ आपन विचार रखल लोग।

डॉ. वीणापाणि गुप्ता लईकन में हीमोग्लोबिन के आकलन पs रोशनी डालत एनीमिया के गंभीरता आ ओकर प्रभाव बतवली। डॉ. दीपिका सूद माइक्रोबायोलॉजी में आधुनिक प्रयोगशाला तकनीक के उपयोगिता पs सारगर्भित प्रस्तुति देली। डॉ. रामाकृष्णन ट्यूबरकुलोसिस के निदान आ इलाज के आधुनिक तरीका पs जानकारी देलें।

संक्रामक रोग, एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस, जंक फूड के नुकसान, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, कॉन्टैक्ट लेंस से होखे वाला आंख के बीमारी आ कैंसर जइसन गंभीर विषयन पर भी विशेषज्ञन विस्तार से चर्चा कइलें। युवा शोधकर्ता लोगन के प्रस्तुति सम्मेलन के अकादमिक माहौल के अउरी मजबूत बनवलस।

सांस्कृतिक कार्यक्रम से बढ़ल आयोजन के रौनक

वैज्ञानिक सत्रन के संगे-संगे सांस्कृतिक कार्यक्रम भइल, जवना में पूर्वांचल के लोक संस्कृति आ परंपरा के झलक देखे के मिलल। एह से अतिथि लोगन के गोरखपुर के सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होखे के मौका मिलल।

AIMLTACON-2025 के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन रंजीत कुमार गुप्ता सब अतिथि, वक्ता आ प्रतिनिधियन के आभार जतवलें आ सम्मेलन के सफलता खातिर सहजोगी आ प्रतिभागी लोगन के धन्यवाद देलें।

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