“एक देश-एक पंचांग” के दिशा में उज्जैन से होई अगुआई, अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में होई गहन मंथन

By Anurag Ranjan

Published on: Feb 14, 2025

तिथि आ पंचांग के गणना में अंतर के चलते एक देश, एक पंचांग के जरूरत फेर से सोझा आईल बा, जवना के चलते अलग-अलग दिन पs परब के मनावल जा रहल बा। एही क्रम में

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एक देश-एक पंचांग

तिथि आ पंचांग के गणना में अंतर के चलते एक देश, एक पंचांग के जरूरत फेर से सोझा आईल बा, जवना के चलते अलग-अलग दिन पs परब के मनावल जा रहल बा। एही क्रम में उज्जैन में विशेष तइयारी हो रहल बा। समय गणना के शहर उज्जैन में विक्रम उत्सव के तहत 29 मार्च से दू दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन आयोजित कईल जाई। एह सम्मेलन में भारत आ विदेश के विद्वान, ज्योतिष, अंक गणित के विशेषज्ञ, हस्त रेखा विशेषज्ञ, वेदाचार्य आ पंचांग निर्माता के विशेषज्ञ लोग जुट जाई. एह सब के मुख्य उद्देश्य एक देश-एक पंचांग पs विचार कइल बा आ ओकरा बाद सूर्य आ चंद्रमा के गति के गणना करके एगो अखंड पंचांग बनावल बा।

भारतीय सनातन धर्म में तिथि, वार, आ तीज-उत्सव के खास महत्व बा जवन पंचांग के गणना पs निर्भर करेला। एही गणना के आधार पs हिन्दू धर्म के अनुयायी लोग व्रत रखेला आ परब मनावेला। बाकिर पंचांग के गणना में अंतर के चलते दु दिन से बहुत बड़-बड़ त्योहार मनावल जा रहल बा। एह असमानता के खतम करे खातिर एक देश-एक कैलेंडर के अवधारणा पs चर्चा कइल जाई.

सम्मेलन के आयोजन विक्रम उत्सव में होई

29 आ 30 मार्च के उज्जैन में होखे वाला एह ज्योतिष सम्मेलन में कैलेंडर के पांच भाग – वार, तिथि, नक्षत्र, योग, करण आ मध्योदय पs विचार कइल जाई। विद्वान एह पहलुअन पs मंथन करीहें जेहसे कि एक देश, एक कैलेंडर के अवधारणा के आकार दिहल जा सके.

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विक्रम संवत के राष्ट्रीय संवत बनावल जाई

विचार-विमर्श

विक्रम संवत के राष्ट्रीय संवत के रूप में मान्यता देवे के जरूरत पs भी चर्चा होई। पुराविद डा. रमण सोलंकी के अनुसार एह सम्मेलन में विक्रम संवत के भारत के एकमात्र संवत घोषित करे पs शोध आ तथ्यात्मक चर्चा होई।

विदेशी विद्वान लोग भी भाग लीहें:

एह सम्मेलन में भारत के अलग अलग राज्य के विद्वानन के अलावा पाकिस्तान आ नेपाल के पंचांग निर्माता आ ज्योतिष विशेषज्ञ भी भाग लीहें। एह सम्मेलन में गुजरात, राजस्थान, हरियाणा आ विदर्भ के कई गो विद्वान लोग एह सम्मेलन में भाग लेबे के सहमति देले बा.

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एह पs पिछला ज्योतिष सम्मेलन में भी चर्चा भइल रहे


एकरा से पहिले भी साल 2019, 2021 आ 2023 में उज्जैन में अइसन ज्योतिष सम्मेलन में एक देश-एक पंचांग पs चर्चा हो चुकल रहे, हालांकि ओह घरी विद्वान लोग एकमत ना हो पावत रहे। काशी में भी एह पs चर्चा भइल बा। बाकिर अबकी बेर उज्जैन में एकरा बारे में ठोस फैसला लेवे के उम्मेद बा। इs सम्मेलन सरकारी स्तर पs पहिला बड़ ज्योतिष सम्मेलन होई, जवन एक देश, एक कैलेंडर के दिशा में एगो महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता।

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