अब सरकारी एप्स के चिन्हें में ना होई दिक्कत, गूगल करी स्पेशल लेबलिंग

By Anurag Ranjan

Published on: May 7, 2024

सुपरफास्ट इंटरनेट आ डीपफेक के एह दौर में कवनो चीज के पहचानल बहुते मुश्किल काम बा। मोबाइल एप से लेके लोगन के फर्जी प्रोफाइल तक हर चीज फर्जी बनावल जा रहल बा। एप स्टोर पs

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सुपरफास्ट इंटरनेट आ डीपफेक के एह दौर में कवनो चीज के पहचानल बहुते मुश्किल काम बा। मोबाइल एप से लेके लोगन के फर्जी प्रोफाइल तक हर चीज फर्जी बनावल जा रहल बा। एप स्टोर पs फर्जी एप्स के भरमार बा। एकरा से बचे खातिर सरकार कमर कस लेले बिया। अब सरकारी एप्स पs स्पेशल लेबलिंग होई, जवना से ओकर पहचान होई।

एकरा खातिर सरकार आ गूगल के बीच एगो साझेदारी भइल बा। जवना के तहत गूगल एगो नया फीचर पेश कइले बा। एह फीचर के मदद से ई पहचान करे में आसानी होई कि कवनो एप सरकारी हs कि ना। गूगल सरकारी एप्स पs एगो लेबल लगाई आ एकरा अलावे डिस्क्रिप्शनो डीटेल मे होई।

नए अपडेट के बाद सब सरकारी एप्स के संगे एगो सरकारी बैगेज होई। एह बैगेज पs टैप कइला पs“Play verified this app is affiliated with a government entity” माने प्ले पुष्टि करत बा कि ई एप सरकार से संबंधित बा।

अइसन में यूजर्स के सरकारी नकली आ असली एप्स के चिन्हे में आसानी होई। बता दीं कि पिछपा कुछ महीनन  में वॉयस क्लोनिंग के ममिला तेजी से बढ़ बा। कइयन गो अइसन एप्स बा जवन सरकारी एप्स के नाम से मिलत-जुलते नाम वाला बा।

गूगल कहके बा कि ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा, ब्राजील, भारत, ब्रिटेन आ अमेरिका जइसन देसन के करीब 2,000 एप्स पs सरकारी एप्स के बैगेज लगावल गइल बा। भारत में ई बैगेज Digilocker, mAdhaar, NextGen mParivahan आ Voter Helpline एप्स पs देखल जा सकत बा।

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