Diabetes Habits: डायबिटीज के खतरा से बांचे के बा?? तs छोड़ दीं ई 7 गो आदत ना तs बढ़ सकेला समस्या

By Anurag Ranjan

Published on: Sep 27, 2022

मधुमेह आज भारत में एगो आम समस्या बन गइल बा। एसे पीड़ित मरीजन के संख्या तेजी से बढ़ रहल बा। विशेषज्ञन के अनुसार, हमार सुस्त आ आलसी जीवन शैली आ अनुचित खान-पान मधुमेह रोगियन के

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मधुमेह आज भारत में एगो आम समस्या बन गइल बा। एसे पीड़ित मरीजन के संख्या तेजी से बढ़ रहल बा। विशेषज्ञन के अनुसार, हमार सुस्त आ आलसी जीवन शैली आ अनुचित खान-पान मधुमेह रोगियन के संख्या में बढ़न्ती के पीछे सबसे बड़ कारण बा। भारत में मधुमेह के लाखन मरीज बाड़े आ ई संख्या तेजी से बढ़ रहल बा।

डब्ल्यूएचओ के मोताबिक, मधुमेह 2 तरे के होला। टाइप 1 मधुमेह कवनो व्यक्ति के विरासत में मिल सकेला। जबकि टाइप 2 मधुमेह गलत आदतन, अनुचित आहार आ हमनी के गलत जीवन शैली के कारण होला। रउआ टाइप 1 मधुमेह के नियंत्रित ना कर सकेला, बाकिर रउआ टाइप 2 मधुमेह के रोक सकेला। कवनो बेमारी के इलाज करे खातिर बेमारी के कारण के पता लगावल बहुते जरूरी बा। मधुमेहो पs इहे मानदंड लागू होला। हमनी के जीवनशैली में कइयन गो अइसन आदत होला, जवना के वजह से हमनी के एह बेमारी से ग्रसित हो जानी। डायबिटीज से बचे के बा तs आजे छोड़ दीं एह आदत के-

नाश्ता छोड़ल

सबेरे के हल्का नाश्ता सेहत खातिर बहुत जरूरी होला। जदि रउआ सबेरे के नाश्ता नइखी करत तs रउआ  मधुमेह के शिकार हो सकत बानी। काहेकि नाश्ता स्किप कइला से रउआ दिन भर पेट भर खायेम। जदि रउआ नाश्ता करे के समय नइखे तs रउआ कुछ फलो खा सकत बानी। मधुमेह से बचाव खातिर बेहतर बा कि दिन के शुरुआत पौष्टिक भोजन से करीं।

लमहर समे तक बइठेले रहलो से अक्सर मधुमेह हो सकत बा। कंप्यूटर पs काम करत घरी देर तक बइठल रहल, सोफा पs काम कइलराउर सेहत खातिर खतरा बढ़ा देला। कइयन go शोध में ई बात सोझा आइल बा कि 30 मिनट से बेसी बइठला से टाइप 2 डायबिटीज सहित देह में कइयान तरे के समस्या हो जाला। जदि रउआ कवनो गतिहीन काम करत बानी तs बीच-बीच में ब्रेक लेवे के चाहीं। इहे कारण बा कि अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (एडीए) के सिफारिश बा कि सब केहु, इहां तक ​​कि बिना मधुमेह वाला लोगो हर 30 मिनट में उठें आ घूमें।

देर से सुतल

देर रात में सुते के आदत से देह में कइयन तरे के समस्या हो जाला। अच्छा सेहत खातिर रात के निम्मन नींद जरूरी बा। डायबिटीज के समस्या ज्यादातर ओह लोग में पावल जाला जे देर रात तक काम करेला। देर से सुतला से देह के मेटाबॉलिज्म प्रभावित होला। नींद के कमी से मधुमेह के खतरा बढ़ जाला। डायबेटोलोजिया में 2020 में प्रकाशित एगो अध्ययन में शोधकर्ता लोग लगभग 900,000 लोगन के डीएनए के अध्ययन कइलस आ पवलस कि अनिद्रा वाला लोगन में टाइप 2 मधुमेह विकसित होखला के संभावना 17 प्रतिशत बेसी होला। नींद के कमी से हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाला।

प्रोसेस्ड फूड भोजन आ मांस खाये से बचीं 

ए घरी हमनी के खाये के अंदाज पूरा तरे से बदल चुकल बा। हमनी के अपना दैनिक जीवन में कइयन गो अइसन खाद्य पदार्थन के सेवन करे लागल बानी जा जवन हमनी के भविष्य में कइयन गो बेमारियन के कारण बन सकत बा। एगो अध्ययन के मोताबिक, प्रोसेस्ड फूड खइला से मधुमेह के खतरा 15 प्रतिशत तक बढ़ जाला। रेड मीटो खइला से मधुमेह होला, एहिसे रउआ अइसन खाद्य पदार्थन के सेवन से बचे के चाहीं।

धूम्रपान आ शराब पियल

जदि रउआ धूम्रपान करे वाला बानी, तs रउआ आउर लोगन के तुलना में मधुमेह बेसी खतरा बा। रोग नियंत्रण आ रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, धूम्रपान ना करे वालन के तुलना में धूम्रपान करे वालन में मधुमेह होखला के संभावना  30 से 40 प्रतिशत बेसी होला। मधुमेह के अलावे धूम्रपान आ शराब के सेवन से हृदय रोग आ उच्च कोलेस्ट्रॉल जइसन बेमारियो होला।  धूम्रपान रक्त कोशिका के प्रभावित करेला आ रक्त वाहिका के संकुचित करेला, जेसे दिल के दौरा पड़े के खतरा बढ़ जाला।

मीठा खाइल

जदि रउआ मधुमेह के समस्या से बचे के चाहत बानी तs रउआ चीनी आ मीठ चीजन से दूर रहे के होई। शुगर मधुमेह खातिर सबसे खतरनाक कारक हs। जदि र उआ मधुमेह बा, तs कम कार्ब्स वाला चीनी मुक्त खाद्य पदार्थ खाई। मधुमेह वाला लोग डार्क चॉकलेट खा सकत बा काहेकि एमे आउर चॉकलेट के तुलना में बहुते कम चीनी होला।

कम पानी पियल

पानी हमनी के देह खातिर बहुत फायदेमंद होला। आमतौर पs डॉक्टर 5-6 लीटर पानी पीये के सलाह देला लो।। पानी कइयन गो बेमारियन के दूर करेला।  शोधकर्ताओं लो पवले बा कि जवन लोग कम पानी पियेला ओकरा उच्च रक्त शर्करा के स्तर के खतरा बेसी होला। लीवर आ किडनी में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ के कमी के कारण ब्लड शुगर बढ़े लागेला। पानी के सेवन बढ़वला से मधुमेह के खतरा कम हो सकत बा।

देर रात के खाना

देर रात तक जगला से रउआ भूख लागत बा आ देर से खाना खइला से  मधुमेह से पीड़ित हो सकत बानी। रात के खाना के बाद देर रात, उच्च कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन खइला से रक्त शर्करा के स्तर बढ़ सकत बा आ मधुमेह हो सकत बा। कोसिस करीं कि दिन में तीन बेर संतुलित, पौष्टिक भोजन करीं आ देर रात के कुछओ खाये से बचीं।

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