- एमपीयू में पं. दीनदयाल उपाध्याय के 110वीं जयंती पर जीवन आ सामाजिक योगदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री देखावल गइल
बलरामपुर। माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में पं. दीनदयाल उपाध्याय के 110वीं जयंती के अवसर पs ‘एकात्म मानव दर्शन के प्रासंगिकता’ विषय पs संगोष्ठी के आयोजन कइल गइल। ई कार्यक्रम स्कूल ऑफ सोशल वर्क आ स्कूल ऑफ पॉलिटिकल साइंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भइल।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ भौतिकविद् आ समाजसेवी प्रो. एलके सिंह अपना संबोधन में पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन के भारतीय चिंतन के महत्वपूर्ण वैचारिक धरोहर बतवलें। ऊ कहलें कि उनका विचारन के खाली पढ़े भा चरचा करे तक सीमित ना रखल जावs, बलुक ओकरा के आत्मसात कs के बेवहार आ सामाजिक जीवन में उतारे के जरूरत बा।

प्रो. सिंह कहलें कि पं. दीनदयाल उपाध्याय साम्राज्यवाद के नीतियन के नकारत व्यक्ति, समाज, राष्ट्र आ मानवता के समन्वित विकास के स्वदेशी दृष्टिकोण प्रस्तुत कइले रहलें। उनका मोताबिक भारत में ना तs साम्यवाद आ ना पूंजीवाद देस के परिस्थिति के पूरा समाधान दे सकेला। एह खातिर मानव-केंद्रित विकास के सोच जरूरी बा। एह दर्शन के समृद्ध बनाके भारत ना खाली अपना के मजबूत बना सकेला, बलुक पूरा दुनिया के कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेला।
भारतीय परिस्थिति के मोताबिक स्वतंत्र चिंतन
अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह कहलें कि पूंजीवाद, साम्यवाद आ समाजवाद अब तक के प्रमुख वैचारिक धारा रहल बा, बाकिर पं. दीनदयाल उपाध्याय भारतीय संस्कृति आ परिस्थिति के अनुकूल ‘एकात्म मानव दर्शन’ के रूप में एगो स्वतंत्र चिंतन प्रस्तुत कइलें।
ऊ कहलें कि देस के कइयन गो राज्यन के नीतियन में आजो एह दर्शन के झलक देखे के मिलेला। कवनो दर्शन खाली नाम खातिर ना होला, ओकर असली उद्देश्य समाज आ राष्ट्र के कल्याण होखे के चाहीं। पं. दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन व्यक्ति से लेके समष्टि तक के समग्र विकास के दिशा देखावेला।
कुलपति कहलें कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी आ वैचारिक विषय पर लगातार संवाद विद्यार्थियन के भारतीय चिंतन परंपरा से जोड़े के एगो मजबूत माध्यम बन सकेला।
दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर डॉक्यूमेंट्री देखावल गइल
कार्यक्रम के दौरान पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन-संघर्ष, विचार आ सामाजिक जोगदान पs आधारित एगो डॉक्यूमेंट्री देखावल गइल। एह डॉक्यूमेंट्री के निर्माण राजनीति विज्ञान विभाग के विद्यार्थी निखिल सिंह आ आलोक मिश्रा आ प्राध्यापक सावन सिंह मिलके कइले बा लो।डॉक्यूमेंट्री में एकात्म मानव दर्शन के अलग-अलग पहलूअन के प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कइल गइल। डॉक्यूमेंट्री देखला के बाद मवजूद विद्यार्थियन के पं. दीनदयाल उपाध्याय के जिनगी आ विचारन के करीब से जाने के मवका मिलल।
कइयन गो गणमान्य लोग रहल मवजूद
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दीनदयाल शोध संस्थान, जयप्रभा ग्राम, गोंडा के प्रभारी प्रकल्प रामकृष्ण तिवारी मवजूद रहलें। विश्वविद्यालय के अंतरिम निदेशक (आईक्यूएसी) प्रो. बीपी सिंह आ कुलसचिव परमानंद सिंह खास तौर पs उपस्थित रहे लो।
कार्यक्रम के संचालन डॉ. उपासना सिंह कइलीं, जबकि आभार ज्ञापन डॉ. रमा मौर्या कइली। एह अवसर पs विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागन के प्राध्यापक, विद्यार्थी, कर्मचारी आ मीडियाकर्मी मवजूद रहल लो।
Read Also: 26 सितंबर 2026 के राशिफल







No comments yet. Be the first to comment!