गोरखपुर। डीएवी पीजी कॉलेज, गोरखपुर के इतिहास विभाग के ओर से “भारत छोड़ो आंदोलन आ युवा” विषय पs एगो विशेष व्याख्यान कार्यक्रम के आयोजन कइल गइल। कार्यक्रम के सुरुआत आभा शुक्ला आ संध्या द्वारा सरस्वती वंदना आ स्वागत गीत से भइल। एह दौरान मुख्य वक्ता के प्राचार्य के ओर से अंगवस्त्र आ स्मृति चिह्न भेंट कs के सम्मानित कइल गइल।
1942 के आंदोलन में जवानन के योगदान रहे ऐतिहासिक
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. आशीष कुमार सिंह भारत छोड़ो आंदोलन के अलग-अलग पहलुअन पs विस्तार से प्रकाश डललें। ऊ कहलें कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय जवानन के राष्ट्रभक्ति, साहस आ संघर्ष के सबसे बड़ उदाहरण हs।

डॉ. सिंह कहलें कि आजादी के लड़ाई में जुवावर्ग के भूमिका बहुते महत्वपूर्ण रहे। देस के स्वतंत्र करावे खातिर हजारन जुवा जेल गइलें, आंदोलन में हिस्सा लेलें आ अपना भविष्य के दांव पs लगा दिहल। ऊ छात्र-छात्रन से अपील कइलें कि स्वतंत्रता संग्राम के आदर्श आ मूल्य के अपनावत राष्ट्र निर्माण में सक्रिय जोगदान देवे के चाहीं।
आज के जुवा स्वतंत्रता सेनानियन से लेवे लो प्रेरणा
कार्यक्रम के अध्यक्षता करत कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शैल पांडेय कहली कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास जुवा शक्ति के त्याग, बलिदान आ समर्पण से भरल बा। ऊ कहली कि आज के जुवा पीढ़ी के स्वतंत्रता सेनानियन से प्रेरणा लेत अनुशासन, सकारात्मक सोच आ सामाजिक जिम्मेदारी के भावना विकसित करे के जरूरत बा।
प्रो. पांडेय जोर देत कहली कि राष्ट्र के विकास में जुवावर्ग के भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होला आ शिक्षा के माध्यम से समाज आ देस के मजबूत बनावल जा सकेला।
शिक्षक आ छात्रन के रहे विशेष सहभागिता
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के स्वागत डॉ. संजय श्रीवास्तव द्वारा कइल गइल। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संजय पांडेय प्रस्तुत कइलें, जबकि कार्यक्रम के सफल संचालन डॉ. संजय कुमार मिश्र द्वारा कइल गइल।
एह अवसर पs महाविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी आ बड़ संख्या में छात्र-छात्रा मवजूद रहल लो। कार्यक्रम में भारत छोड़ो आंदोलन के इतिहास आ जुवा शक्ति के जोगदान पs गहन चरचा भइल, जवना से विद्यार्थियन के नया प्रेरणा मिलल।









