लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम के बयान के बाद देश के यूरोपीय संघ (EU) में दोबारा शामिल होखे के चर्चा तेज हो गइल बा। बर्नहम कहलें कि ब्रिटेन आ यूरोपीय संघ के बीच भविष्य के संबंध खातिर सरकार कई गो विकल्प पर विचार करी। एह विकल्प में ईयू में पूरा तरह से दोबारा शामिल होखल भी शामिल बा। हालांकि, अभी ब्रिटेन के सरकार ईयू में वापसी के कवनो अंतिम फैसला ना कइले बा।
बर्नहम लेबर पार्टी के वार्षिक सम्मेलन में कहलें कि ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन के यूरोप के साथ संबंध पर फेर से विचार करे के जरूरत बा। उनका मुताबिक सरकार ई देखी कि अलग-अलग विकल्प में का संभव बा आ हर विकल्प के फायदा-नुकसान का हो सकेला। एह में मौजूदा व्यवस्था कायम राखल, कस्टम यूनियन से जुड़ल, सिंगल मार्केट में वापसी आ आखिर में पूरा ईयू सदस्यता के विकल्प शामिल बा।
बर्नहम 2016 के ब्रेक्जिट जनमत संग्रह के समय ब्रिटेन के ईयू में बनल रहे के पक्ष में रहलें। अब उनका ताजा बयान से ब्रिटेन के भविष्य के यूरोपीय संबंध पर नया बहस शुरू हो गइल बा।
फ्रांस आ स्पेन से मिलल समर्थन
बर्नहम के बयान के फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों स्वागत कइले बाड़ें। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज भी ब्रिटेन के संभावित वापसी के स्वागत कइले बाड़ें। मैक्रों कहलें कि अगर ब्रिटेन यूरोपीय संघ में वापस आवे के दिशा में बढ़ेला त ई ब्रिटेन आ यूरोप दुनु खातिर अच्छी खबर होई।
सांचेज भी कहलें कि अगर ब्रिटेन दोबारा ईयू में शामिल होखे के फैसला लेला त स्पेन ओकर स्वागत करी। हालांकि, ब्रिटेन के वापसी खातिर यूरोपीय संघ के नियम, सदस्य देशन के सहमति आ ब्रिटेन के औपचारिक आवेदन समेत कई प्रक्रिया पूरा करे के पड़ी।
ब्रेक्जिट के 10 साल बाद नया बहस
ब्रिटेन 2016 के जनमत संग्रह के बाद यूरोपीय संघ से बाहर निकल गइल रहे आ 2020 में औपचारिक रूप से सदस्यता खत्म भइल। अब करीब दस साल बाद ब्रिटेन-ईयू संबंध के भविष्य पर एक बेर फेर राजनीतिक बहस शुरू भइल बा। अभी ई साफ नइखे कि ब्रिटेन वास्तव में ईयू में दोबारा शामिल होई कि ना। फिलहाल सरकार अलग-अलग विकल्प के समीक्षा करे के बात कहत बिया।







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