गोरखपुर। सुथनी में बनल इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सिटी में कचरा से ऊर्जा आ खाद बनावे के योजना अब आगे बढ़े लागल बा। नगर निगम इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) के सहयोग से इहां कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) आ जैविक खाद बनावे वाला प्लांट लगाई। प्लांट में हर दिन 200 टन गीला कचरा के प्रसंस्करण कइल जाई। एहसे करीब सात टन सीबीजी आ 40 टन जैविक खाद रोज तैयार होखे के उम्मीद बा। प्लांट के निर्माण खातिर आइओसीएल टेंडर जारी कर दिहले बा।
प्लांट के निर्माण करे वाला फर्म के 540 दिन यानी करीब डेढ़ साल में काम पूरा करे के होई। एकरे बाद सुथनी पहुंचे वाला गीला कचरा के कच्चा माल के रूप में इस्तेमाल कइल जाई। जैविक कचरा के प्रसंस्करण से निकलल अवशेष से खाद तइयार होई, जबकि एहसे बने वाला बायो गैस के शुद्ध के कंप्रेस्ड बायो गैस के रूप में इस्तेमाल कइल जाई। एहसे कचरा के निस्तारण के साथे ऊर्जा आ उपयोगी जैविक खाद के उत्पादन होई।
पहिले एवरइन्वायरो के दिहल गइल रहे जिम्मेदारी
सुथनी में सीबीजी प्लांट लगावे के जिम्मेदारी पहिले एवरइन्वायरो रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के दिहल गइल रहे। पीपीपी मॉडल प करीब 150 करोड़ रुपया के लागत वाला एह परियोजना में रोज 200 टन गीला कचरा से सीबीजी आ जैविक खाद तइयार करे के योजना रहे।
परियोजना में उम्मीद के मुताबिक काम ना होखे आ निर्माण काम बीच में रुक जाए के बाद अब नगर निगम एकरा के आगे बढ़ावे के पहल कइले बा। एह क्रम में आइओसीएल के ओर से एकरा खातिर टेंडर जारी कइल जा चुकल बा। आइओसीएल के नितिन वर्मा बतवले कि चयनित फर्म के 540 दिन में प्लांट के निर्माण पूरा करे के होई।
ट्रामल से छंटाई होई कचरा, गीला कचरा बनल कच्चा माल
सुथनी में कचरा निस्तारण के व्यवस्था के मजबूत करे खातिर नगर निगम अपने स्तर प तइयारी करत बा। इहां करीब 250 टन रोज के क्षमता वाला ट्रामल सिस्टम लगावे के प्रक्रिया शुरू हो गइल बा। ट्रामल के जरिए मिलल-जुलल कचरा के छंटाई कइल जाई। एहसे गीला आ सूखा कचरा अलग करे में मदद मिली।
सीबीजी प्लांट के एह व्यवस्था से जोड़ला के योजना बा। ट्रामल से छंटाई के बाद निकलल गीला कचरा के सीबीजी प्लांट में भेजल जाई। ओहिजा जैविक कचरा के प्रसंस्करण क के बायो गैस आ खाद तैयार कइल जाई। एहसे सुथनी में कचरा पहुंचला से लेके ओकर छंटाई, प्रसंस्करण आ उपयोगी उत्पाद तैयार होखे तक के पूरा व्यवस्था विकसित हो सकेला।
आइओसीएल के ओर से सीबीजी प्लांट के निर्माण खातिर टेंडर जारी कर दिहल गइल बा। चयनित फर्म के 540 दिन में प्लांट के निर्माण पूरा करे के होई। प्लांट शुरू होखला के बाद रोज 200 टन गीला कचरा के प्रसंस्करण क के करीब सात टन कंप्रेस्ड बायो गैस आ 40 टन खाद तैयार करे के योजना बा।
– प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त







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