डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में करोड़ों लोगन के वोटर लिस्ट से नाम कटला के आरोप लागल बा । एह आरोपन के बीच चुनाव आयोग एगो विशेष अभियान शुरू कइले बा। एह अभियान के तहत 20 राज्यन में जोंने लोगन के नाम वोटर लिस्ट से हट गइल बा, ओह लोगन से संपर्क कइल जाई।
चुनाव आयोग राज्य के चुनाव अधिकारियन के निर्देश दिहले बा कि ऊ ओह इलाकन में ‘छूटल’ आ नया वोटरन के तुरंत शामिल करे खातिर स्पेशल ड्राइव शुरू करल जाए , जहवा वोटर लिस्ट में सुधार के काम पूरा हो चुकल बा।
SIR के लेके चुनाव आयोग के विशेष अभियान
चुनाव आयोग के एह स्पेशल ड्राइव के मकसद ओह योग्य वोटरन के फिरो से शामिल कइल बा, जेकरा के गहन सुधार के दौरान छोड़ दिहल गइल रहे या वोटर लिस्ट से हटा दिहल गइल रहे। एकरा साथे पहिला बेर वोट देवे वाला आ युवा वोटरन के रजिस्ट्रेशन करे के कामो कइल जाई।
चुनाव आयोग एह विशेष अभियान के लेके गुरुवार के एगो आधिकारिक सूचना जारी कइलस। आयोग के ओर से ई निर्देश राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के साथे भइल वर्चुअल मीटिंग के बाद दिहल गइल।
चुनाव आयोग BLO के दिहल निर्देश
चुनाव आयोग बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के निर्देश दिहलस के ऊ मौजूदा वोटर लिस्ट के SIR से पहिले वाला लिस्ट से मिलान करसु, ताकि अइसन वोटरन के पहचान हो सके, जेकर नाम पहिले के लिस्ट में रहे, बाकिर फाइनल लिस्ट से हटा दिहल गइल रहे।
BLOs पहचान भइल सभे छूटल लोगन खातिर घर-घर जा के वेरिफिकेशन करिहें। हर अधिकारी के हर हफ्ता 20 से 25 वोटरन के कवर करे के टारगेट दिहल गइल बा, ताकि एक महीना के भीतर वेरिफिकेशन ड्राइव पूरा कइल जा सके।
BLOs नया योग्य युवा वोटरन आ वास्तव में छूट गइल वोटरन से मौका पर ही फॉर्म-6 के आवेदन लिहें। एकरा बाद पारदर्शिता बनवले रखे खातिर लिस्ट सीधे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलन के बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) के साथे शेयर कइल जाई।
स्पेशल ड्राइव आयोजित करे के फैसला SIR के फैसला के लेके चुनाव आयोग के भीतर मतभेद के खबरन के बीच आइल बा। हालांकि, EC कहलस कि SIR से जुड़ल सभे फैसला सर्वसम्मति से लिहल गइल रहे।







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