नई दिल्ली : उत्तर भारत से मानसून के विदाई शुरू हो गइल बा, बाकिर विदा लेत-लेत मानसून एक बेर फेर सक्रिय हो गइल बा। बंगाल के खाड़ी में बनल मौसमी सिस्टम आ पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश समेत 20 से अधिक राज्यन में भारी बरखा के अलर्ट जारी कइल गइल बा।
भारत में दक्षिण-पश्चिमी मानसून अब समाप्त होखे के ओर बा। हालांकि, बंगाल के खाड़ी में बनल मौसमी प्रणाली के चलते उत्तर भारत में फेर से नमी बढ़ गइल बा आ कई इलाका में भारी बरखा के स्थिति बन गइल बा। हिमाचल प्रदेश से लेके दिल्ली आ उत्तर प्रदेश से लेके छत्तीसगढ़ तक मौसम में बदलाव देखे के मिल रहल बा।
खास बात ई बा कि राजस्थान, गुजरात, हरियाणा आ दिल्ली समेत कई इलाका से मानसून के विदाई शुरू हो चुकल बा। अइसन समय में भारी बरखा के अलर्ट जारी होखल मौसम के बदलत मिजाज के ओर इशारा करत बा।
कवन राज्य में बदलल मौसम?
उत्तर प्रदेश: राज्य के कई इलाका में मूसलाधार आ बेहद भारी बरखा से जनजीवन प्रभावित भइल बा। लखनऊ, बांदा, बहराइच समेत कई जिला में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद करे के पड़ल। जलभराव आ बाढ़ के खतरा के देखत रेड अलर्ट जारी कइल गइल बा।
उत्तराखंड: भारी से बेहद भारी बरखा के चेतावनी बा। पहाड़ी इलाका में भूस्खलन आ अचानक बाढ़ के खतरा बढ़ गइल बा।
दिल्ली-एनसीआर: मानसून के विदाई के बाद नया मौसम तंत्र के चलते हल्का से मध्यम बरखा, आंधी आ ठंडा हवा से मौसम सुहावना हो गइल बा। 26 सितंबर खातिर यलो अलर्ट जारी कइल गइल बा।
मध्य प्रदेश आ छत्तीसगढ़: डिप्रेशन के असर से भारी बरखा भइल बा। छत्तीसगढ़ में बरखा के चलते स्कूलन में छुट्टी घोषित करे के पड़ल।
ओडिशा, पश्चिम बंगाल आ सिक्किम: कई जगह बहुत भारी बरखा भइल बा। दार्जिलिंग जइसन पहाड़ी इलाका में भूस्खलन के घटना भी सामने आइल बा।
हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश आ तेलंगाना में भी बरखा, वज्रपात आ तेज हवा के चेतावनी जारी बा। पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम आ त्रिपुरा में भी कई जगह बरखा के संभावना बा।
मानसून के विदाई के समय अइसन बरखा काहे?
मौसम में अचानक बदलाव के मुख्य वजह दू गो मौसमी प्रणाली के एक साथ सक्रिय होखल बा।
पहिला वजह- बंगाल के खाड़ी में डिप्रेशन: बंगाल के खाड़ी में बनल गहिरा दबाव के क्षेत्र ओडिशा आ छत्तीसगढ़ होत उत्तर प्रदेश आ मध्य प्रदेश के ओर बढ़ल। ई सिस्टम बंगाल के खाड़ी से लगातार नमी खींच के उत्तर भारत के ओर ले आ रहल बा। एहसे बरखा वाला बादल लगातार बनत आ मजबूत होत बा।
दूसरका वजह- पश्चिमी विक्षोभ: एही दौरान उत्तर भारत के पहाड़ी इलाका आ मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बा। एकरा से ठंडा हवा के प्रभाव बढ़ रहल बा।
दुनो सिस्टम के मिलन से बढ़ल बरखा
जब बंगाल के खाड़ी से आइल नमी वाला हवा आ उत्तर-पश्चिम से आइल पश्चिमी विक्षोभ एक-दूसरा से मिलत बा, त उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आ दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भारी बरखा, आंधी आ बिजली कड़कला के गतिविधि बढ़ जात बा।
एह स्थिति से मानसून के विदाई पर भी कुछ दिन खातिर रोक लाग गइल बा। वायुमंडल में नमी फेर बढ़ला से मानसून के वापसी करीब एक हफ्ता तक टल सकेला।
कब तक रही बरखा?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सा में सितंबर के अंत तक बरखा के दौर जारी रह सकेला। उत्तर प्रदेश आ उत्तराखंड में 26 से 28 सितंबर तक भारी से बेहद भारी बरखा के खतरा बा। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा आ पंजाब में 26-27 सितंबर तक हल्का से मध्यम बरखा हो सकेला।
मध्य प्रदेश आ छत्तीसगढ़ में 27 सितंबर तक सिस्टम के असर रह सकेला। बिहार, झारखंड, ओडिशा आ पश्चिम बंगाल में 26 सितंबर के बाद बरखा के गतिविधि धीरे-धीरे कम होखे के संभावना बा।
पूर्वोत्तर भारत में 27 सितंबर से 30 सितंबर या 1 अक्तूबर तक बरखा जारी रह सकेला। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल आ तमिलनाडु में भी 27 से 30 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ हल्का से मध्यम बरखा हो सकेला।
कब विदा होई मानसून?
उत्तर भारत समेत देश के अधिकतर हिस्सा में 28 सितंबर से बरखा धीरे-धीरे कम होखे के अनुमान बा आ 30 सितंबर तक मौसम काफी हद तक साफ हो सकेला। उत्तरी मैदानी इलाका में एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनला के बाद करीब 2 अक्तूबर से मानसून के विदाई फेर शुरू हो सकेला। मध्य आ पूर्वी भारत समेत देश के बाकी हिस्सा से मानसून के पूरी तरह वापसी करीब 10 अक्तूबर तक होखे के अनुमान बा।







No comments yet. Be the first to comment!