Assam : असम में लॉन्च भइल बांस से बनल खास साइकिल, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा खुद कइलें सवारी

By Gaurav Mani Tripathi

Published on: Oct 2, 2026

गुवाहाटी। असम में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के दिशा में एगो खास पहल के शुरुआत भइल बा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा शुक्रवार के बांस से बनल एगो खास साइकिल के लॉन्च कइलें। लॉन्चिंग

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गुवाहाटी। असम में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के दिशा में एगो खास पहल के शुरुआत भइल बा। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा शुक्रवार के बांस से बनल एगो खास साइकिल के लॉन्च कइलें। लॉन्चिंग के दौरान मुख्यमंत्री खुद एह साइकिल पर सवारी भी कइलें। मुख्यमंत्री कहलें कि एह साइकिल के गुवाहाटी के अलग-अलग पार्कन में उपलब्ध करावल जाई, ताकि आम लोग भी एकर इस्तेमाल कर सके।

‘असम बंबू साइकिल’ के छायगांव स्थित बांस टेक्नोलॉजी पार्क में पुणे के कंपनी बांस इंडिया के साझेदारी से तैयार कइल गइल बा। एह साइकिल के निर्माण में इस्तेमाल होखे वाला कच्चा माल असम के अलग-अलग हिस्सा से जुटावल जा रहल बा। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 15 करोड़ रुपिया के एह परियोजना के लक्ष्य हर महीना लगभग 1,000 साइकिल तैयार करे के बा।

मुख्यमंत्री खुद कइलें बांस के साइकिल के सवारी

साइकिल लॉन्च करे के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा खुद बांस से बनल साइकिल चलवले। एह मौका पर ऊ कहलें कि बांस असम के मूल आ महत्वपूर्ण उत्पाद ह। बांस से 800 से अधिक तरह के बाइप्रोडक्ट तैयार कइल जा सकेला। एकर इस्तेमाल बहुत बड़ स्तर पर अलग-अलग क्षेत्र में हो सकेला।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, बांस के उपयोग मेथनॉल से लेके विमान टर्बाइन खातिर ईंधन, मजबूत स्ट्रक्चर आ कई तरह के उत्पाद बनावे में कइल जा सकेला। उनका कहलें कि केंद्र सरकार के ओर से बांस के घास के रूप में वर्गीकृत करे के नीति से एह क्षेत्र में नया संभावना पैदा भइल बा।

गुवाहाटी में लोग चला पाई साइकिल

मुख्यमंत्री बतवलें कि आने वाला कुछ दिन में बांस से बनल एह विशेष साइकिल के बड़े पैमाना पर उपलब्ध करावे के योजना बा। गुवाहाटी के अलग-अलग इलाका में लोग एह साइकिल के सवारी कर सकेला। एकरा बाद साइकिल इस्तेमाल करे वाला लोग से राय आ सुझाव लिहल जाई।

लोगन के प्रतिक्रिया के आधार पर भविष्य में एह तरह के अउरी साइकिल तैयार करे पर विचार कइल जाई। सरकार के मानना बा कि एह पहल से स्थानीय बांस उद्योग के बढ़ावा मिले के साथे पर्यावरण अनुकूल परिवहन के विकल्प के बढ़ावा मिल सकेला।

बांस के विरासत आ आधुनिक तकनीक के मेल

हिमंता बिस्वा सरमा कहलें कि बांस से बनल ई साइकिल असम के समृद्ध बांस विरासत के आधुनिक तकनीक से जोड़त बा। पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के बढ़ावा देवे के दिशा में ई पहल महत्वपूर्ण कदम हो सकेला।

बांस से बनल साइकिल के इस्तेमाल बढ़ला से हरियाली आ टिकाऊ परिवहन के अवधारणा के बढ़ावा मिले के उम्मीद बा। सरकार एह परियोजना के माध्यम से असम के पारंपरिक संसाधन के आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ के नया रोजगार आ उद्योग के अवसर पैदा करे पर भी जोर दे रहल बा।

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